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नवा छत्तीसगढ़

“हमर छत्तीसगढ़” आसिफ इक़बाल की कलम से…

देश में छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी-दर सबसे कम,फिर बना अव्वल,,,,,

देश में छत्तीसगढ़ राज्य में सबसे कम बेरोज़गारी-दर है और अन्य आधा दर्जन राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में सबसे कम बेरोज़गारी-दर दर्ज़ की गई है।यह कहना है,सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इकॉनामी संगठन का।यह संगठन आगे बताता है कि 02 अप्रैल 2022 की स्थिति में जारी किए गए आंकड़ों में सर्वाधिक बेरोज़गारी-दर में हरियाणा में 26.7%,राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में 25.25℅,झारखंड में 14.5%,बिहार में 14.4%,त्रिपुरा में 14.1%,तथा हिमाचल प्रदेश में 12.1% दर्ज़ की गई
है जबकि इनकी तुलना में बेरोज़गारी-दर छत्तीसगढ़ में सबसे कम 0.6% रही है।छत्तीसगढ़ में बीते 3 सालों में महात्मा गांधी के ग्राम-स्वराज्य की परिकल्पना में नया मॉडल अपनाया था,जिसके तहत गांवों और शहरों के बीच आर्थिक परस्परता बढाने पर ज़ोर दिया गया और बेहतरी के लिए काम किया गया।इसी छत्तीसगढ़ मॉडल के अनुसार,सुराजी गांव योजना,नरवा-गरवा-घुरवा-बाड़ी योजना,गोधन न्याय योजना,राजीव गांधी किसान न्याय योजना,राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना,रूरल इंडस्ट्रियल पार्को की स्थापना,लघु वनोपजों के संग्रहण, उद्यमिता विकास योजनाओं और कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किया जाना रहा है।इसी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के अभिनव  अवसर सृजित हो रहे हैं,जिससे राज्य के विकास को गति मिल रही है और यही वजह है कि राज्य में बेरोज़गारी-दर में लगातार गिरावट आने लगी है।शायद यही वजह रही कि कोरोना काल मे पहली व दूसरी लहर से देशव्यापी आर्थिक मंदी के बावजूद छत्तीसगढ़ की आर्थिक व्यवस्था प्रभावित नहीं हो पाई।कहा जा रहा है कि आने वाले 5 वर्षों में 15 लाख रोज़गार के अवसर सामने आएंगे और इस दिशा में तैयारियां भी है।संगठन के आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि देश में बेरोज़गारी-दर 7.5% और शहरी बेरीज़गारी-दर 8.5% व ग्रामीण बेरोज़गारी-दर 7.1% दर्ज़ की गई है।हमर छतीसगढ़ की भूपेश-सरकार व उसकी योजनाओं के क्रियान्वयन की चौतरफा सराहना अव्वल हो रही है।

सीटी स्कैन मशीन के लिए एन टीपीसी ने 2 करोड़ का चेक सौंपा कोरबा कलेक्टर को,,,,,,


‘हमर छत्तीसगढ़’ में कोरबा स्थित  एनटीपीसी ने सामाजिक सरोकार के प्रति अपने दायित्व को पूरा करने ज़िला अस्पताल कोरबा में  सीटी स्कैन मशीन खरीदने के लिए कलेक्टर श्रीमती रानू साहू को 2 करोड़ रुपए सौंपा।उक्त चेक कलेक्टर को एनटीपीसी कोरबा के महाप्रबंधक(प्रचालन एवं अनुरक्षण)पी रामप्रसाद ने सौपा।कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने एनटीपीसी की जागरूकता एवं सामाजिक पहल की सराहना की।गौरतलब है कि सामाजिक दायित्वों को पूरा करना बड़ी कॉरपोरेट कम्पनियों की जिम्मेदारियों में शामिल है।

गौठानों की गतिविधियों को समझने आए वर्धा के प्रगतिशील किसान,,,,,,,


‘हमर छत्तीसगढ़’ की ग्राम सुराजी योजना व गौधन न्याय योजना के माध्यम से ग्रामीणों को स्वावलम्बी और आर्थिक दृष्टि से मजबूत बनाने गौठानों की कारगर भूमिका उभर रही है और चर्चित भी हो रही है।छत्तीसगढ़ में सुराजी योजना व गांवों में स्थापित गौठानों से होने वाली आयमूलक गतिविधियों को प्रत्यक्ष रूप से देखने व समझने के लिए महाराष्ट्र जैसे कृषि उन्नत राज्य के प्रगतिशील किसान छत्तीसगढ़ पहुंचने लगे है।इसके अध्य्यन के लिए वर्धा के किसानों के दल ने रायपुर ज़िले के अभनपुर विकासखण्ड के नवागांव(ल) पहुंचे,जहां सरपंच भागवत साहू ने गौठानों और महिला स्व-सहायता समूह की बहुआयामी गतिविधियों से परिचय व भृमण कराया।वर्धा के किसानों ने गौठान में आसवन ईकाई,वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन,मशरूम उत्पादन इकाइयां,गोबर से दिया व गमला निर्माण  तथा कृषि विभाग द्वारा प्रदत्त मक्का फसल बाड़ी, मछली पालन,बाड़ी आदि का अवलोकन कराया।वर्धा के किसानों ने स्व-सहायता महिला समूहों से विस्तार से चर्चा भी की।किसान दल ने कल्पतरु मल्टीयुटीलिटी सेंटर सेरीखेड़ी का अवलोकन किया।जिसका संचालन उजाला ग्राम संगठन सेरीखेड़ी द्वारा किया जा रहा है,यहां ग्रामीण महिलाओं द्वारा 28 प्रकार के पर्यावरणीय मैत्री वाले हर्बल उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है।गौठानों के माध्यम से यहां चल रही बहुआयामी गतिविधियों जैसे दाल पैकिंग,मास्क व केरीबैग निर्माण,कपड़ा बुनाई,मधुबन व बस्तर काष्ठ कला चित्रकारी,ट्रि-गार्ड निर्माण,विविध प्रकार के अचार,साबुन,मोमबत्ति,हर्बल गुलाल,बेकरी उत्पाद,आरओ वाटर बॉटलिंग ईकाई आदि का भी अवलोकन कर जानकारियां भी हासिल की।सेंटर में महिला समूहों के बच्चों की देखरेख व सुपोषण के लिए गौठान में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का भी किसानों ने अवलोकन किया।किसानों को सेंटर का भृमण उजाला ग्राम संगठन की अध्यक्ष श्रीमती मोहिनी डहरिया द्वारा कुशलतापूर्वक कराया गया।

एसईसीएल ने नए वित्तीय वर्ष के लिए तय किया 182 मिलियन टन कोयला उत्पादन का टारगेट,,,,,,,,

‘हमर छत्तीसगढ़’ की नवरत्न कोयला कम्पनी एसईसीएल ने नए वित्तीय वर्ष 2022-23  के लिए कोयला उत्पादन का टारगेट  182 मिलियन टन तय किया है।उक्ताशय की जानकारी देते हुए कम्पनी के सीएमडी डॉ प्रेमसागर मिश्रा ने श्रमिक संगठन प्रतिनिधित्व संचालन समिति की बिलासपुर स्थित कम्पनी मुख्यालय में आयोजित बैठक में नए टारगेट की जानकारी दी और कहा कि गेवरा,दीपिका व कुसमुंडा मेगा प्रोजेक्ट पर बड़ी जिम्मेदारी होगी इस टारगेट को पूरा करने की।सीधे कहा जा सकता है कि इन तीनों परियोजनाओं पर टारगेट के दो तिहाई हिस्से की भागीदारी हो सकेगी।डॉ मिश्रा ने बताया कि 182  मिलियन टन टारगेट में से गेवरा को 52 मिलियन टन, दीपका को 38 मिलियन टन,कुसमुंडा को 45 मिलियन टन और मांड-रायगढ़ की रायगढ़ एरिया को 15.5 मिलियन टन का टारगेट दिया गया है।डॉ मिश्रा ने आगे  बताया कि कम्पनी की 21खुली खदानों को169 मिलियन टन तथा 46 भूमिगत खदानों से13 मिलियन टन का सालाना उत्पादन का टारगेट दिया गया है।कम्पनी ने नए वित्तीय वर्ष में 3 नई परियोजनाओं के विकास के प्रति काम शुरू करने की संभावना है,जिनमें 2 खुली खदानों रामपुर-बटुरा व अम्बिका तथा केतकी भूमिगत खदान शामिल है। उन्होंने बताया कि केतकी खदान ही एमडीओ मोड पर अनुमोदित पहली भूमिगत खदान परियोजना है।सीएमडी ने बताया कि  वित्तीय वर्ष में इंफ्रास्ट्रक्चर सहित अन्य क्षेत्रों में पूंजीगत निवेश के लिए 5200 करोड़ का केपिटल बजट अनुमोदित किया गया है।इसमें रेल कॉरिडॉर के विकास के लिए 1800 करोड़ का पूंजीगत व्यय शामिल है।खदान के समीप कम्पनी इको-फ्रेंडली तरीके और त्वरित रूप से उत्पादित कोयले को उपभोक्ताओं तक भेजा जा सकेगा।डॉ मिश्रा ने यह भी जानकारी दी कि समाप्त वित्तीय वर्ष में155.71 मिलियन टन कोयला डिस्पैच किया था,जो कम्पनी के स्थापना काल मे दूसरा बड़ा डिस्पैच रहा,जो बीते वर्ष की तुलना में17  मिलियन टन(अर्थात 12 प्रतिशत वृद्धि)अधिक है।डॉ मिश्रा ने यह भी बताया कि पावर सेक्टरों को 129.29 मिलियन टन कोयला डिस्पैच किया गया,जो अपने आप में कीर्तिमान रहा है।
आराध्य देवी मां महामाया के मंदिर का भव्य प्रवेश द्वार निर्माण कराएंगे निगम के 7 मुस्लिम पार्षद,,,,,

‘हमर छत्तीसगढ़’ में आपसी कौमी एकता व भाईचारा बेमिसाल है।छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष व अम्बिकापुर नगर निगम के मेयर कौंसिल मेम्बर शफी अहमद की पहल पर सरगुजा ज़िले में छत्तीसगढ़ के एक प्रमुख शक्तिपीठ आराध्य देवी मां महामाया मंदिर के प्रवेश द्वार के भव्य निर्माण के लिए अम्बिकापुर नगर निगम के 7 मुस्लिम पार्षदों ने रमज़ान के महीने में कौमी एकता की मिसाल पेश की है।जिसकी सभी ओर चर्चा व सराहना हो रही है।बताया जा रहा है कि मां महामाया मंदिर का भव्य प्रवेश स्वागत द्वार अब्दुल हमीद सद्भास्वना चौक पर निर्माण करने निगम में कॉंग्रेस पक्ष के सभी 7 मुस्लिम पार्षदों ने अपने पार्षद-निधी से एक-एक लाख रुपए देकर भव्य व कलात्मक प्रवेश द्वार बनवाने का निर्णय श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शफी अहमद की सार्थक पहल पर लिया है।इन सभी पार्षदों ने उक्ताशय की जानकारी पत्र के माध्यम से नगर निगम के आयुक्त को सौंप दिया है।स्वागत प्रवेश द्वार भव्य व कलात्मक होगा।कौमी एकता एवं धार्मिक सौहार्द्र के इस पुनीत काम मे मुस्लिम पार्षदों
मेराज़ अंसारी,शमा कलीम,रही ग़ज़ाला,नुजहत फातिमा,फिरदौस हसन और फौजिया नाज़ ने अपने पार्षद निधी से एक-एक लाख रुपए समर्पित करने सहमति जताई है।इस बारे में श्रम कल्याण मण्डल के अध्यक्ष शफी अहमद का कहना है कि मां महामाया का मंदिर सरगुजा की आस्था का शक्तिपीठ व केंद्र है।महामाया मंदिर के आसपास के  वार्डों से सभी पार्षद हैं।ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी है कि महामाया मंदिर की भव्यता बनाने और बढाने की दिशा में एकजुट होकर प्रयास करें।

बालाजी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने की नायाब  हार्ट सर्जरी,,,,,,,,


‘हमर छत्तीसगढ़’ की राजधानी के मोवा स्थित श्रीबालाजी हॉस्पिटल के हृदय रोग विभाग के डॉक्टरों की टीम ने नायाब हार्ट सर्जरी कर मरीज़ के दिल से अंगूर के गुच्छे के आकार का बड़ा-सा ट्यूमर निकाला है।कोलकाता से रायपुर किसी काम से आए व्यक्ति को तकलीफ होने पर श्रीबालाजी हॉस्पिटल लाया गया,जहां डॉ विवेक वाधवा(कोर्डिएक सर्जन),डॉ देवेन्द्र पांडे(कोर्डिएक एनेस्थेटिस्ट)तथा डॉ  निखिल मोतिरामानी(कॉर्डियोलॉजिस्ट)की टीम ने जटिल हार्ट सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।उक्ताशय की जानकारी देते हुए श्रीबालाजी हॉस्पिटल के चैयरमैन डॉ देवेन्द्र नायक ने बताया कि कॉर्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों की टीम ने उक्त 60 वर्षीय मरीज़ के दिल से 6.6×4 के आकार का अंगूर के गुच्छे से बड़ा ट्यूमर निकाला है।पूर्व में,मरीज़ की जांच में ट्यूमर का पता चल गया था,हांलाकि उस ट्यूमर का विस्तार होने वाला नहीं था।सर्जरी के उपरांत व देखभाल से मरीज़ अब पूरी तरह स्वस्थ है और जल्द ही उसे अस्पताल से डिस्चा रज कर दिया जावेगा।

देश के मशहूर शायर जां निसार अख़्तर फरमाते हैं,,,
“ज़माना आज नहीं डगमगा के चलने का,,,
सम्भल भी जा के अभी वक़्त है सम्भलने का”,,,

 

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