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राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के संचालक कमल किशोर सोन पहुंचे सुकमा और दंतेवाड़ा, कार्यों की प्रगति का लिया जायजा

New India News/ CG भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन संचालक श्री कमल किशोर सोन ने छत्तीसगढ़ के सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों का दौरा कर जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने सुकमा जिले के डोडपाल और फायदागुड़ा, तथा दंतेवाड़ा जिले के भूसारास गांव में हर घर नल से जल की आपूर्ति व्यवस्था को प्रत्यक्ष देखा और ग्रामीणों से संवाद कर पेयजल की गुणवत्ता की जानकारी ली।

“कोई परिवार जल संकट से न जूझे, कोई गांव योजना से वंचित न रहे”

श्री सोन ने जिला मुख्यालय सुकमा में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि ग्रीष्मकाल में किसी भी परिवार को पेयजल संकट नहीं होना चाहिए और जल जीवन मिशन की योजना से कोई भी गांव वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना मिशन का प्राथमिक लक्ष्य है।

डोडपाल में नल जल योजना का निरीक्षण

सुकमा जिले के ग्राम डोडपाल में श्री सोन ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित पानी टंकी, जल वितरण प्रणाली एवं जल गुणवत्ता परीक्षण प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने सरपंच श्रीमती बिज्जो वेट्टी से चर्चा कर पेयजल व्यवस्था की जानकारी ली। सरपंच ने बताया कि योजना शुरू होने के बाद ग्रामीणों को हैंडपंप पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और घर-घर स्वच्छ पानी की आपूर्ति हो रही है।

फायदागुड़ा में सोलर आधारित पेयजल योजना

दुब्बाटोटा ग्राम पंचायत के ग्राम फायदागुड़ा में श्री सोन ने सोलर पंप आधारित पेयजल योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने पानी टंकी एवं स्टैंड पोस्ट का जायजा लेते हुए जल संचय पर विशेष ध्यान देने और ई-ग्राम स्वराज पोर्टल में समस्याएं एवं सुझाव दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक गांव में एक व्यक्ति को प्रशिक्षित कर योजना के बेहतर संचालन पर जोर दिया।

भूसारास में ‘जल अर्पण’, पंचायत को सौंपी जिम्मेदारी

दंतेवाड़ा जिले के भूसारास गांव में श्री सोन ने 2 करोड़ 82 लाख रुपये की लागत से तैयार नल जल योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने घर-घर जाकर जल आपूर्ति देखी और अपने सामने पानी की गुणवत्ता का परीक्षण कराया। इसके बाद उन्होंने ‘जल अर्पण’ कर योजना के संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपी। ग्रामीणों ने योजना से जीवन स्तर में आए सकारात्मक बदलाव की जानकारी दी।

कलेक्टरों की बैठक में दिए अहम निर्देश

कलेक्टरों की समीक्षा बैठक में श्री सोन ने पेयजल समस्या वाले क्षेत्रों को चिन्हांकित कर समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करने, प्रत्येक गांव में तकनीकी रूप से प्रशिक्षित व्यक्ति नियुक्त करने तथा आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ समन्वय कर ग्राम पंचायत विकास योजना के अंतर्गत जल संबंधी कार्यों की प्रभावी कार्ययोजना बनाने पर भी जोर दिया।

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