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300 से अधिक उलेमा, प्रोफेशनल्स, सामाजिक नेताओं और छात्रों की ऐतिहासिक भागीदारी

New India News/Delhi

AMP की इंटरनेशनल ज़कात कॉन्फ्रेंस 2026 सफलतापूर्वक संपन्न

“हमारा लक्ष्य एक पारदर्शी, विस्तार योग्य और तकनीक-आधारित ज़कात प्रणाली बनाना है, जो परिवारों को सम्मान के साथ सशक्त बनाए।”
आमिर इदरीसी, अध्यक्ष, Association of Muslim Professionals (AMP)

अलीगढ़ | 14–15 फरवरी 2026:
Association of Muslim Professionals (AMP) द्वारा 14 एवं 15 फरवरी 2026 को दो दिवसीय इंटरनेशनल ज़कात कॉन्फ्रेंस 2026 का सफल आयोजन किया गया। यह सम्मेलन ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से आयोजित हुआ।

14 फरवरी को उद्घाटन सत्र Aligarh Muslim University (AMU) परिसर स्थित AMUTA कॉन्फ्रेंस हॉल में संपन्न हुआ, जिसमें देश-विदेश से 300 से अधिक उलेमा, प्रोफेशनल्स, सामाजिक नेता, छात्र और अतिथि शामिल हुए।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ज़कात व्यवस्था को मजबूत बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना तथा ज़कात को शिक्षा, सशक्तिकरण और सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग करने पर विमर्श करना रहा।

ज़कात से समाज में न्याय और स्थिरता

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि All India Muslim Personal Law Board के महासचिव मौलाना मोहम्मद फ़ज़लुर रहीम मुजद्दिदी ने कहा कि ज़कात का वास्तविक उद्देश्य समाज में न्याय और स्थिरता स्थापित करना है।
उन्होंने कहा—

“आज ज़रूरत है कि ज़कात का प्रबंधन सामूहिक और संगठित रूप से किया जाए। सुव्यवस्थित ढंग से लागू की गई ज़कात समाज में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।”

मक़ासिद अल-शरीअह और संपत्ति का न्यायपूर्ण प्रवाह

मौलाना अशहद जमाल नदवी ने “मक़ासिद अल-शरीअह: न्याय, सम्मान और संपत्ति का प्रवाह” विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ज़कात संपत्ति के न्यायपूर्ण वितरण का दिव्य प्रावधान है, जो सामाजिक संतुलन बनाए रखता है।

AMP के 18 वर्षों की यात्रा और IndiaZakat विज़न

AMP अध्यक्ष आमिर इदरीसी ने संगठन के पिछले 18 वर्षों की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्रों, शिक्षकों, करियर मार्गदर्शन, कौशल विकास कार्यक्रमों और AMP ज़कात फंड की जानकारी साझा की।

उन्होंने IndiaZakat को एक समग्र डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने की बात कहते हुए कहा—

“25 वर्षीय रोडमैप के माध्यम से हम केवल तात्कालिक सहायता नहीं, बल्कि दीर्घकालिक राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य कर रहे हैं।”

ज़कात: एक संगठित आर्थिक व्यवस्था

कानपुर से आए मुफ़्ती मोहम्मद जुनैद मिस्बाही ने ज़कात की क़ुरआनी श्रेणियों (अस्नाफ) पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ज़कात केवल दान नहीं, बल्कि एक संपूर्ण आर्थिक व्यवस्था है।

वहीं Zakat Foundation of India के अध्यक्ष डॉ. ज़फर महमूद ने अपने मुख्य भाषण में संस्थागत ज़कात प्रबंधन की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

डॉ. अब्दुल अहद ने IndiaZakat के छह वर्षों की उपलब्धियों और इसके सामाजिक प्रभाव का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
फ़ारूक़ सिद्दीकी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि सही रणनीति के साथ ज़कात युवाओं की पेशेवर शिक्षा और करियर निर्माण का सशक्त माध्यम बन सकती है। 🎓

कार्यक्रम का कुशल संचालन शहज़ाद हुसैन ने किया।

सामूहिक संकल्प के साथ समापन

सम्मेलन का समापन इस सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि भारत में ज़कात की संगठित, पारदर्शी और प्रभावी व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा।

इंटरनेशनल ज़कात कॉन्फ्रेंस 2026 भारत में सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और संगठित ज़कात प्रणाली की दिशा में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

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