New India News/CG ज़रिया-ए-रिश्ता के माध्यम से एक दुर्रे-यतीम और पाक-नीयत बेटी का निकाह सादगी, शालीनता और इस्लामी उसूलों के साथ मुकम्मल हुआ। यह आयोजन सिर्फ़ एक निकाह नहीं, बल्कि इंसानियत, रहमत और सामाजिक ज़िम्मेदारी का खूबसूरत उदाहरण बनकर सामने आया।
जब किसी बेसहारा बेटी के सिर पर निकाह की छत बनती है, तो यक़ीनन आसमान भी दुआओं से भर जाता है। यह नेक पहल समाज को यह संदेश देती है कि असली तरक़्क़ी कमज़ोर और ज़रूरतमंद लोगों का हाथ थामने में ही निहित है।
इस मुबारक मौके पर शहर सीरत-उन-नबी कमेटी के सदर सोहेल सेठी साहब, ऑल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष सिराज साहब, प्रदेश उपाध्यक्ष जुबेर साहब, समाज सेविका निखत खान बाजी, हमशीरा ग्रुप की बहनें एवं समाज के कई ज़िम्मेदार लोग मौजूद रहे और निकाह की सरपरस्ती कर इस नेक कार्य को सफल बनाया।
इस अवसर पर सभी ने नवदम्पति के लिए दिल से दुआ की कि अल्लाह तआला इस निकाह को बरकत, मोहब्बत और सुकून से भर दे तथा समाज को ऐसे ही नेक और ख़ैर के कामों का ज़रिया बनाता रहे।
