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“हमर छत्तीसगढ़” आसिफ इक़बाल की कलम से अंक 75

सरोवर हमारी धरोहर’ का अस्तित्व ही समाप्त, कागजों में ही सिमट कर रह गए हमारे तालाब…

सरोवर हमारी धरोहर’ सुनने, पढ़ने और जानने में श्लोक या मंत्र का आभास देते हैं। हमारे पुरखों ने भविष्य की कल्पना कर के तालाब खुदवाकर भूजल स्तर बढ़ाने की मंशा की थी लेकिन बरसों में खुदवाए गए तालाब में अधिकांश सूखते गए, अवैध कब्जों की भेंट चढ़‌ गए और दस्तावेजों में सिर्फ इबारत धरी रह गई। खबरें बताती है कि महज़ 9-10 साल में ही एक सैकड़ा से अधिक तालाब अस्तित्व से गायब हो गए। नगर निगम के मुताबिक वर्ष 2023 में 109 तालाब ही बचे हैं। लेकिन भविष्य को कौन जानता है कि इनमें सिर्फ गिनती अंगुलियों में ही रह जाये। बड़े पुराने लोग आज भी बताते है कि राजधानी में 300 से अधिक तालाब दर्ज थे। वन विभाग ने 2014 में एक शोध कराया था, जिसमें तालाबों की संख्या 227 बताई गई थी। अब नगर निगम बताता है कि तालाबों की संख्या लगातार घटती जा रही है और यह 109 के आसपास रह गई है। हमारे – पुरखों ने विशेषकर जमीदारों द्वारा भूजल स्तर बढाने के लिए तालाब खुदवाए थे लेकिन आज सरोवर हमारी धरोहर का जमीनी अस्तित्व ख़त्म होते जा रहा है। जहां ये तालाब खत्म या गायब हो गए वहीं भूजल स्तर बहुत ही नीचे चला गया है। पहले तालाब सौ एकड़ रकबे में हुआ करता था, अब सिकुड़कर 25-30 एकड़ तक ही रह गए हैं। विकास के नाम पर चारों तरफ सड़के बनाकर उसे छोटा ही कर दिया गया है। कई जगहों पर अब भूजल स्तर तीन सौ फुट से नीचे चला गया है जबकि पहले महज 50 फुट में ही पानी मिल जाता था। राजधानी का विकास हम सब की नज़र में है, इंडोर-आउटडोर स्टेडियम, सिनेमा थियेटर, उद्योगों को ज़मीनें दी गई और अवैध कब्ज़ा होता चला गया। छत्तीसगढ़ वन अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण संस्थान (एस एफ ई टी आई) ने रायपुर व नया रायपुर में तालाबों व झीलों की स्तिथि पर शोध किया था, तब शहर में 54 प्रमुख तालाबों के सूखने का पता चला था। अब तो स्मार्ट सिटी के नाम पर भी तालाबों का अस्तित्व गायब हो रहा है।

छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग को मिला राष्ट्रीय स्कॉच सिल्वर अवार्ड…

हमर छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के स्तर की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नैक द्वारा संबद्धता मिशन प्रारंभ किया गया है। इस खातिर छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग को उसके प्रोजेक्ट असेसमेंट एवं एक्रिडिशन को देश का प्रतिष्ठित स्कॉच सिल्वर अवार्ड प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारीयों व कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। हमर छत्तीसगढ़ में कुल 211 अहर्ताप्राप्त शासकीय महाविद्यालयों में से 197 शासकीय महाविद्यालयों का नैक से मूल्यांकन कराकर छत्तीसगढ़ देश में सर्वोच्च स्थान पर है। भूपेश सरकार के प्रयासों से ही कॉलेज में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या बढ़ गई है। इनमें हर साल 48 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो रही है। उच्च शिक्षा में लड़कियों को प्रोत्साहन देने के लिए कन्या महाविद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। अन्य महाविद्यालयों में सह अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है। छात्राओं की संख्या मे 61 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।

”आकार- 2023 में 400 से अधिक को मिल रहा प्रशिक्षण एवं ट्रेनिंग…

छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कलाओं को जीवंत रखने व आगे बढ़ाने के लिए संस्कृति विभाग ने आकार – 2023 का आयोजन किया है, जिसमें 400 से अधिक लोग प्रशिक्षण एवं ट्रेनिंग के माध्यम से गोदना आर्ट, केनवाश पेंटिंग, बोनसाई आर्ट का प्रशिक्षण लेने में जुटे हैं। इनमें युवा, बच्चे व बुजुर्ग उत्साह के साथ प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं। प्रशिक्षण में अनाथ व दिव्यांग बच्चों को भी शामिल किया गया है। लोगों को स्व-रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया गया है। गौरतलब है कि भूपेश सरकार द्वारा पारंपरिक शिल्प व कलाओं के प्रशिक्षण, प्रचार – प्रसार, जागरुकता तथा लोगों में इनके प्रति रुचि जागृत करने के उद्देश्य से हर वर्ष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी महंत घासीराम स्मारक संग्रहालय में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हुआ। इसके साथ ही सभी संभागीय मुख्यालय में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। आकार – 2023 में म्यूरल आर्ट, पपरकेसी, क्ले आर्ट, काष्ठ, बांस, शिल्प, मूर्तिकला, चित्रकला, मधुबनी आर्ट, पटचित्र, धान ज्वेलरी, ड्राई फ्लावर, ग्लास पेंटिंग, गोदना आर्ट, पैरा आर्ट, टेराकोटा, रजवार भित्ती, क्लासिकल नृत्य नाटक, फोक डांस, जूट शिल्प मेहंदी आर्ट, गोबर आर्ट, सैंड आर्ट, मंडला आर्ट, मांदना आर्ट, गोंड आर्ट, सौरा आर्ट, स्केट पेंटिंग, केनवास पेंटिंग, बोनसाई आर्ट, वाध्य यंत्र निर्माण एवं प्रशिक्षण जैसी विधाओं पर प्रशिक्षण दिया गया है। प्रतिभागियों की कलाकृतियाँ की प्रर्दशनी एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए हैं।

महापौर ढेबर ने कहा – मेरे खिलाफ कुछ भी गलत, तो सन्यास ले लूंगा….

एक सप्ताह में तीसरी दफे पूछताछ के लिए रायपुर निगम के महापौर एजाज़ ढेबर को ईडी दफ्तर बुलाया गया, जबकि उनके भाई अनवर ढेबर को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में शामिल होने आए महापौर एजाज ढेबर ने ईडी दफ्तर के बाहर प्रेस वार्ता में कहा कि मेरे मोबाइल या मेरे घर से कोई अनैतिक काम साबित हो गया, किसी का टेंडर, ट्रांसफर में कोई गड़बड़ी मिले तो मैं (ढेबर) राजनीति से सन्यास ले लूंगा। मुझे 12-12 घंटे बैठाया जा रहा है जो ठीक नहीं है, मैंने इसकी लिखित में ईडी से शिकायत की है। ढेबर ने कहा कि छतीसगढ़ जन प्रतिनिधियों को परेशान किया जा रहा है। मुझे जबरन बैठाकर मेरा समय बर्बाद किया जा रहा है जिससे निगम क्षेत्र में काम प्रभावित होता है। मेयर ने कहा कि निगम इमरजेंसी सेवा के तहत आती है। इतनी देर मुझे बेवजह बैठाए रखा जाएगा तो शहर के काम कैसे होंगे?

स्कूल के प्राचार्य, व्याख्याता व 12 कर्मियों ने की एक करोड़ 4 लाख की हेरा फेरी…

हमर छत्तीसगढ़ की ऊर्जा नगरी कोरबा जिले के हरदी बाज़ार स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य, व्याख्याता और 12 कर्मियों के ख़िलाफ़ एक करोड चार लाख की हेराफेरी में धारा 420 का मामला दर्ज किया गया है। हरदीबाजार के प्रचार्य व्यास नारायण दिवाकर, व्याख्याता सोमनाथ भारद्वाज को निलंबित कर दिया गया है, जबकि 12 कर्मियों पर धारा 420 के तहत जुर्म दर्ज किया गया है। डी पी आई के संचालक सुनील जैन के मुताबिक, प्राचार्य व व्याव्याता ने मिलकर सेवानिवृत व मृत कर्मचारियों के नाम से फर्जी बिल तैयार कर एक करोड चार लाख 46 हजार 100 रुपए का आहरण कर लिया। इसमें ट्रेजरी के अधिकारी को भी आरोपी बनाया गया है।

आईसीसी वर्ल्ड कप का एक मैच रायपुर में भी खेले जाने की ख़बर…

देश के लगभग सभी जगहों पर क्रिकेट का रोमांच सर चढ़कर छाया रहता है। ऐसे मैं आईसीसी वर्ल्ड कप – 2023 की मेजबानी भारत कर रहा है और इसके लिए पूल का एक मैच “शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम” में भी खेला जाना प्रस्तावित है। हालांकि अभी इसकी अधिकृत पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन बताया जा रहा है कि भारत के सभी मैच 13 स्टेडियम में होंगे, जिसमें रायपुर का स्टेडियम भी शामिल है। पांच अक्टूबर 23 से शुरू होने वाले वर्ल्डकप क्रिकेट टूर्नामेंट का एक फूल मैच रायपुर को भी मिला है। नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह क्रिकेट स्टेडियम में यह मैच खेला जाएगा। क्रिकेट वर्ल्ड कप के मैच 50 ओवर का होगा और यह नागपुर, बैंगलुरु, त्रिवेंद्रम, मुंबई, दिल्ली, लखनऊ, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोलकाता, राजकोट, इंदौर, मोहाली, धर्मकांटा और रायपुर में खेले जायेंगे। बीसीसीआई ने 50 ओवर के विश्व कप से पहले देश के स्टेडियमो को अपग्रेड करने के लिए 500 करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया है। बोर्ड अपने बुनियादी ढांचे में उन्नयन करेगा, स्वच्छ शौचालय आसान पहुंच और स्वच्छ सीटों के साथ उच्च सुविधा युक्त स्टेडियम में व्यवस्थाएं होंगी। हमर छत्तीसगढ़ का स्टेडियम 2008 में बनकर तैयार हुआ था और इसी वर्ष 2023 में भारत व न्यूज़ीलैंड के बीच खेला जावेगा। पिच भी गेंदबाजों के लिए सटीक व बैटिंग के लिए परफेक्ट मानी जाती है।

देश के सुप्रसिद्ध शायर जनाब जगन्नाथ आज़ाद फरमाते हैं,,,

”सोचे बगैर आपने ठुकरा दिया जिसे,,,,
वो दिल बुरा सही,मगर इतना बुरा ना था”

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