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महिला बाल विकास मंत्री के पत्र पर इलाज के लिए 3.86 लाख रूपए की दी स्वीकृति

शासकीय बालिका गृह की बच्ची की जान बचाने मुख्यमंत्री की फिर दिखी संवेदनशीलता

महिला बाल विकास मंत्री के पत्र पर इलाज के लिए 3.86 लाख रूपए की दी स्वीकृति

नियमों को शिथिल कर मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से हुआ ऑपरेशन

Newindinews/Raipur: बालिका गृह में रह रही विशेष पिछड़ी कमार जनजाति की बिन माता-पिता की नौ साल की बच्ची सुनंदा (बदला हुआ नाम) की बीमारी का पता चलते ही मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की संवेदनशीलता एक बार फिर दिखाई दी। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने रायपुर के शासकीय बालिका गृह में रह रही दिल की गंभीर बीमारी से पीड़ित नौ साल की बालिका सुनंदा के इलाज के लिए मुख्यमंत्री श्री बघेल को पत्र लिखकर अनुरोध किया था। इस पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने तुरंत विशेष प्रकरण मानते हुए नियमों को शिथिल कर मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से 03 लाख 86 हजार रूपए स्वीकृत कर दिया। विगत 4 जून को एम्स रायपुर के कार्डियक सर्जन डॉ. नितिन कश्यप के निर्देशन में सुनंदा का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। सबके प्रयासों से सुनंदा को नया जीवन मिला है।

इलाज के बाद ठीक होकर मंगलवार को सुनंदा आभार प्रकट करने श्रीमती भेंड़िया के घर पहुंची। श्रीमती भेंड़िया ने सुनंदा को स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। श्रीमती भेंड़िया के पूछने पर उसने बड़े होकर शिक्षिका बनने की इच्छा जताई। इस पर श्रीमती भेंड़िया ने उसे गरीब और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त में ज्ञान बांटने की समझाईश दी।

जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर ने बताया कि सुनंदा की जांच कराने पर डॉक्टरों ने उसे हृदय के वॉल्व संबंधी गंभीर बीमारी से पीड़ित होना बताते हुए ऑपरेशन (डीवीआर विथ टीवी रिपेयर) की जरूरत बताई। सुनंदा के पास राशन कार्ड, आधार कार्ड जैसे कोई दस्तावेज नहीं थे। उसकी उम्र के आधार पर छोटे बच्चों के लिए संचालित योजनाओं के दायरे में भी वह नहीं आ रही थी। ऑपेरेशन और इलाज में खर्च भी अधिक होना था। इसे देखते हुए मंत्री श्रीमती भेंड़िया ने मुख्यमंत्री श्री बघेल से सुनंदा के इलाज के लिए निवेदन किया। आज सुनंदा स्वस्थ्य है और बालिका गृह में डॉक्टरों के निर्देशन में उसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

हॉस्टल अधीक्षिका श्रीमती रत्ना दुबे ने बताया कि सुनंदा अगस्त 2021 में गरियाबंद के बाल कल्याण समिति के माध्यम से रायपुर के बालिका गृह लायी गई थी। सुनंदा के माता-पिता नहीं हैं। सुनंदा जब बालिका गृह आई तब बहुत कमजोर थी और उसे सांस लेने में भी परेशानी होती थी। उसके दिल की धड़कन काफी तेज थी। डॉक्टर से जांच करवाने के बाद पता चला कि सुनंदा सीवियर एनीमिक है और उसे हृदय संबंधित परेशानी है। ऑपरेशन के बाद सुनंदा ठीक है और तेजी से रिकवर हो रही है।

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