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बिलासपुर : भू-माफिया, शराब कोचिया ने डकारे विधवा बहन के लाखो रूपये अब बेटो के मार्फ़त दे रहे है जान से मारने की धमकी…

New Indian News/Bilaspur 

“बाप बड़ा न भइया, सबसे बड़ा रुपइया” — यह कहावत न्यायधानी बिलासपुर में सच साबित होती दिखाई दे रही है। मामला एक ऐसे परिवार से जुड़ा है, जिस पर भू-माफियागीरी, अवैध कारोबार और नशे के धंधे में लिप्त रहने के गंभीर आरोप हैं। समाज में दानदाता और शरीफ़ मौलाना की छवि ओढ़े मिर्ज़ा शौकत बैग पर आरोप है कि उन्होंने अपनी ही सगी विधवा बड़ी बहन को लाखों रुपये से ठग लिया।

शादी और परिवार की स्थिति

सूत्रों के मुताबिक, मिर्ज़ा शौकत बैग की बड़ी बहन की शादी 1986 में रायपुर में हुई थी। परिवार किराए के मकान में साधारण जीवन बिता रहा था। पति की मामूली आमदनी से घर और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च ही चलता था। साल 2008 में टायफाइड की बीमारी से उनके पति की मौत हो गई, जिसके बाद परिवार की हालत बद से बदतर हो गई।

2004 का बंटवारा और धोखा

साल 2004 में पुश्तैनी संपत्ति का बंटवारा हुआ। उस दौरान बड़ी बहन ने अपने हालात देखते हुए छोटे भाई शौकत बैग को लाखों रुपये इस भरोसे पर सौंपे कि वह उन्हें कारोबार में लगाकर आगे चलकर उनके लिए घर खरीद देगा। लेकिन, कथित तौर पर, शौकत बैग ने यह रकम हड़प ली और वादे से मुकर गया।

पति की मौत और लापरवाही के आरोप

परिवार के आरोप के मुताबिक, जब बीमारी के दौरान बड़ी बहन के पति की हालत नाजुक थी, तब भी उन्हें समय पर अस्पताल नहीं ले जाया गया। पहले मोहल्ले के डॉक्टर से इलाज कराया गया और घंटों बाद बिलासपुर मिशन अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई।

धोखे और उत्पीड़न का सिलसिला

पति की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी अकेली महिला और नाबालिग बेटे पर आ गई। बेटे ने पढ़ाई करते हुए जैसे-तैसे घर संभाला, लेकिन मायके पक्ष ने लगातार बहन और भांजे को धोखे और धमकियों से दबाए रखा।

2016 में रिश्ते बिगड़ने लगे, पारिवारिक कार्यक्रमों में उन्हें अपमानित किया जाने लगा। आरोप है कि जब भी वह अपना हक मांगने जातीं, भाइयों की ओर से उन्हें धमकाया जाता और उनके बेटे को शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता।

साल 2019-20 में हालात और बिगड़ गए। मिर्ज़ा शौकत बैग और उनके बेटों आदाब व शादाब पर आरोप है कि उन्होंने विधवा बहन और उसके बेटे को जान से मारने की धमकियाँ दीं। परिवार का कहना है कि कई बार उनकी हत्या की कोशिश भी की गई। इन घटनाओं के चलते पीड़ित महिला मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) में चली गई।

मुख्यमंत्री से गुहार

सूत्रों की मानें तो इस पूरे प्रकरण की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुँचाई गई है, जिसमें मदद की गुहार लगाई गई है।

शहर में बिगड़ी छवि और विवादित कारोबार

बिलासपुर के वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि मिर्ज़ा शौकत बैग और उनके बेटों की छवि शहर में पहले से ही विवादित है। उन पर हाल ही में एक स्थानीय निवासी की जमीन पर कब्ज़ा करने का आरोप भी लगा, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई की थी।

इतना ही नहीं, शौकत बैग ने शराब कारोबारियों के साथ मिलकर एक अख़बार भी शुरू किया और उसकी आड़ में शराब व अन्य अवैध कारोबार चलाने के आरोप सामने आए। उनके बेटों को “इंडियन जिम” नाम से कारोबार शुरू कराया गया, जिसके खिलाफ भी लोगों की लगातार शिकायतें आती रहती हैं।

प्रदेश भर में ब्लैकमेलिंग का धंधा चलाने और वन विभाग सहित कई अधिकारियों पर दबाव बनाकर लाभ उठाने के आरोप भी शौकत बैग पर लगते रहे हैं।

👉 यह पूरा मामला इस बात की गवाही देता है कि किस तरह पैसों की हवस रिश्तों को तोड़कर समाज को भी कलंकित कर रही है।

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