New India News
Otherराजनीति

बृजमोहन-अमित कटारिया विवाद : मोहम्मद अकबर बोले- जनप्रतिनिधियों से सौहार्दपूर्ण व्यवहार के 18 आदेश, मुख्य सचिव पालन कराएं

रायपुर। रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया के बीच कथित फोन वार्ता को लेकर उठे विवाद के बीच प्रदेश के पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने जनप्रतिनिधियों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों के व्यवहार को लेकर सरकार का ध्यान नियमों की ओर दिलाया है। उन्होंने कहा कि माननीय सांसदों एवं विधायकों के साथ शासकीय अधिकारियों द्वारा सौहार्दपूर्ण व्यवहार किए जाने संबंधी कुल 18 शासकीय आदेश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन उनका समुचित पालन नहीं हो रहा है।

मोहम्मद अकबर ने कहा कि वे मुख्य सचिव से आग्रह करते हैं कि इन सभी आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बना रहे।

इस बीच, सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजी गई विशेषाधिकार हनन की शिकायत के बाद मामला संसद तक पहुंच गया है। लोकसभा सचिवालय ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय से पूरे मामले पर हिंदी एवं अंग्रेजी में विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की संसदीय प्रक्रिया तय की जाएगी।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर और सांसद बृजमोहन अग्रवाल दोनों ने रायपुर में छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी। मोहम्मद अकबर वर्ष 1979-80 में छात्रसंघ अध्यक्ष रहे, जबकि उनके बाद 1980-81 में बृजमोहन अग्रवाल छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए थे।

क्या है मामला?

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न जनहित के मामलों को लेकर स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया को कई पत्र और स्मरण पत्र भेजे, लेकिन लंबे समय तक कोई जवाब नहीं मिला। उनका आरोप है कि बाद में हुई एक कथित फोन बातचीत के दौरान स्वास्थ्य सचिव का व्यवहार अनुचित था तथा बातचीत में उनसे कथित रूप से “जो करना है कर लो” जैसी टिप्पणी की गई। सांसद ने इसे एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के सम्मान और संसदीय विशेषाधिकारों के विरुद्ध बताया है।

20 मई की घटना का भी जिक्र

शिकायत के अनुसार, 20 मई को सांसद ने स्वास्थ्य विभाग के लंबित मामलों को लेकर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव से चर्चा की थी। इसके बाद स्वास्थ्य सचिव ने उनसे संपर्क किया। सांसद का कहना है कि बाद में लंबित मामलों की जानकारी लेने के लिए दोबारा फोन करने पर कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। इसी बातचीत को आधार बनाकर उन्होंने विशेषाधिकार हनन की शिकायत दर्ज कराई है।

भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी निर्वाचित सांसद के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। यदि किसी प्रशासनिक अधिकारी के व्यवहार को लेकर इस प्रकार के आरोप सामने आते हैं तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच संवाद एवं समन्वय लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

लोकसभा सचिवालय ने मांगी रिपोर्ट

लोकसभा सचिवालय ने कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय से पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। साथ ही यह भी पूछा है कि क्या रिपोर्ट की प्रति शिकायतकर्ता सांसद को उपलब्ध कराई जा सकती है। मंत्रालय से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विशेषाधिकार समिति को भेजने की मांग

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपनी शिकायत में अनुरोध किया है कि मामले को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाए। उनका कहना है कि यदि किसी निर्वाचित सांसद के साथ इस प्रकार का व्यवहार होता है तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने संबंधित सेवा नियमों के तहत उचित कार्रवाई की भी मांग की है।

 

Related posts

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित

newindianews

शरीक राईस खान ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार की जनकल्याण कारी योजनाओ से आमजन को कराया अवगत सोशल मीडिया लिखा…..

newindianews

CG रायपुर में कौमी एकता तंजीम का भव्य आयोजन: सांसद तारीक अनवर का स्वागत

newindianews

Leave a Comment