
New India News / Raipur : छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष चुनाव को लेकर तस्वीर अब लगभग साफ हो गई है। भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) द्वारा नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी पूरी होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए 17 वैध उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी कर दी गई है। अब चुनावी मुकाबला मुख्य रूप से संगठन समर्थित सत्येंद्र चेलक और विधायक देवेंद्र यादव समर्थित शैलेंद्र बंजारे के बीच केंद्रित माना जा रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए कुल 19 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। स्क्रूटनी के दौरान पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के पुत्र आदित्य भगत का नामांकन निरस्त कर दिया गया। भारतीय युवा कांग्रेस के नियमों के अनुसार 28 मई 1990 के बाद जन्मे उम्मीदवार ही चुनाव लड़ने के पात्र हैं। निर्धारित आयु सीमा पूरी नहीं होने के कारण उनका नामांकन अमान्य घोषित किया गया।
कांग्रेस के भीतर दो प्रमुख खेमों की प्रतिष्ठा दांव पर
युवा कांग्रेस चुनाव में कांग्रेस के भीतर दो प्रमुख राजनीतिक धड़े आमने-सामने नजर आ रहे हैं। एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव सहित कई वरिष्ठ नेताओं का समर्थन सत्येंद्र चेलक को बताया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर विधायक देवेंद्र यादव के समर्थित उम्मीदवार शैलेंद्र बंजारे चुनावी मैदान में हैं।
अन्य संगठनात्मक पदों के लिए भी होगा चुनाव
युवा कांग्रेस के इस चुनाव में केवल प्रदेश अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि संगठन के कई महत्वपूर्ण पदों के लिए भी मतदान होगा। इनमें:
- 16 प्रदेश उपाध्यक्ष
- 53 प्रदेश महासचिव
- जिला अध्यक्ष
- जिला महासचिव
- विधानसभा अध्यक्ष
- ब्लॉक अध्यक्ष
जैसे पद शामिल हैं। मतदान प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
प्रदेश अध्यक्ष पद के सभी वैध उम्मीदवार
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में:
- सत्येंद्र चेलक
- शैलेंद्र बंजारे
- विनोद कश्यप (भक्कू)
- भावेंद्र गंगोत्री
- दीक्षा पांडे
- जसमीत शर्मा (सोनू शर्मा)
- कपिल कांत नाग
- मानव देशमुख
- मृदुला भास्कर
- परमीत बग्गा (हनी बग्गा)
- प्रशांत बोकड़े
- प्रीतिका विश्वकर्मा
- प्रीति वैष्णव
- सागर बाघमारे
- सजल चंद्राकर
- शालिनी रामटेके
- सोनिका पोर्ते
शामिल हैं।
संगठन के भविष्य पर रहेगी सबकी नजर
राजनीतिक जानकारों के अनुसार युवा कांग्रेस का यह चुनाव केवल संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं, बल्कि कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और शक्ति संतुलन की परीक्षा भी माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष पद का परिणाम आने वाले समय में युवा कांग्रेस की दिशा और कांग्रेस संगठन के भीतर उभरते राजनीतिक समीकरणों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
