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नागपुर। आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक कौशल, नेतृत्व क्षमता, नवाचार और उद्यमशील सोच का विकास भी उतना ही आवश्यक हो गया है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए एडुसन फाउंडेशन (Edusan Foundation) ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक, व्यावसायिक और व्यक्तिगत विकास के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। फाउंडेशन के Edusan Academy शैक्षणिक मंच के माध्यम से कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप आधारित कौशल शिक्षा कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को विद्यालयी शिक्षा के साथ-साथ वास्तविक कार्य अनुभव, आधुनिक तकनीक का ज्ञान, प्रबंधन कौशल तथा उद्यमिता की समझ प्रदान करना है। साथ ही, विद्यार्थियों की रुचि और क्षमता के अनुरूप उन्हें विभिन्न क्षेत्रों से परिचित कराकर भविष्य के करियर के लिए सक्षम बनाना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।
इस पहल के अंतर्गत विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा, डिजिटल कौशल, प्रबंधन, प्रभावी संवाद, नेतृत्व विकास, वित्तीय साक्षरता तथा उद्यमिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के साथ-साथ उन्हें विभिन्न परियोजनाओं में कार्य करने और इंटर्नशिप के माध्यम से वास्तविक अनुभव प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा।
आज बड़ी संख्या में विद्यार्थी करियर के चुनाव को लेकर असमंजस में रहते हैं। बढ़ती शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा के कारण विद्यार्थी और अभिभावक दोनों मानसिक दबाव का सामना करते हैं। एडुसन फाउंडेशन का यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को उनकी वास्तविक रुचि और क्षमता पहचानने में सहायता करेगा तथा शिक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करेगा। इससे विद्यार्थियों का तनाव कम होगा, आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अपने भविष्य को लेकर अधिक स्पष्ट निर्णय ले सकेंगे।
एडुसन फाउंडेशन के निदेशक निलेश काले के अनुसार,
“विद्यार्थियों को केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जीवन में सफलता के लिए आवश्यक कौशल भी विकसित करने चाहिए। इंटर्नशिप आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों को वास्तविक अनुभव मिलेगा, उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहन मिलेगा और भविष्य के करियर अवसरों के प्रति स्पष्ट दिशा प्राप्त होगी।”
एडुसन फाउंडेशन का विश्वास है कि यदि विद्यार्थियों में सही आयु में कौशल विकास और उद्यमशील दृष्टिकोण विकसित किया जाए, तो वे भविष्य में केवल रोजगार खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले जिम्मेदार नागरिक बन सकते हैं। इस दृष्टि से यह पहल विद्यार्थियों, अभिभावकों, विद्यालयों और समाज—सभी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
आधुनिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्योग जगत से विद्यार्थियों को जोड़ने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया यह कार्यक्रम शिक्षा के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करेगा और “सीखो, अनुभव प्राप्त करो और नेतृत्व करो” की अवधारणा को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
