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“हमर छत्तीसगढ़” आसिफ इक़बाल की कलम से…

झीरम घाटी के लाल आतंक में राजनीतिक षड़यंत्रों की अब जांच कर सकती है छत्तीसगढ़ सरकार,,,,,,,
‘हमर छत्तीसगढ़’ के खूनी इतिहास में 25 मई 2013 को घटित झीरम घाटी के लाल आतंक में राजनीतिक षड़यंत्रों के अध्याय की कड़ी से जुड़े रहस्यों की गांठे अब तक खुल नहीं पाई हैं।पिछली सरकार ने ज़रूर न्यायिक आयोग का गठन किया था और उसकी रिपोर्ट भी आई लेकिन सरकार तक पहले नहीं पहुंच नहीं पाई,जिसके बाद भूपेश सरकार ने फिर नए सिरे से जांच करने दो सदस्यीय आयोग का गठन कर दिया।एन आइए की विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जस्टिस आरसीएस सामंत व जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल की बेंच ने एनआइए की अपील खारिज कर दी है।राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए शासन के अतिरिक्त महाधिवक्ता सुनील ओटवानी ने दलील दी कि झीरम मामले में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज़ किया गया और जांच की दिशा बिल्कुल अलग है।गौरतलब है कि 25 मई 2013 को झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर लाल आतंकी हमला हुआ था,जिसमें शामिल कांग्रेस के दिग्जाम व सर्वमान्य नेताओं नन्दकुमार पटेल,विद्याचरण शुक्ल,महेंद्र कर्मा,उदय मुदलियार समेत कई नागरिकों व पुलिस कर्मियों की शहादत हो गई थी।वारदात के दिन ही पुलिस ने दरभा थाना में मामला दर्ज़ कर लिया था।इसके बाद,केंद्र सरकार के निर्देश पर एनआईए ने 27मई2013 को एफआईआर दर्ज़ कर जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट प्रस्तुत कर दी जबकि ट्रायल लंबित रहा।झीरम घाटी हमले में शहीद
उदय मुदलियार के बेटे जितेंद्र मुदलियार ने 26 मई 2020 में दरभा थाने में रिपोर्ट दर्ज़ कराते आरोप लगाया था कि कांग्रेस के वरिष्ठतम नेताओं की हत्या के पीछे बड़ा षड़यंत्र है,जिसमें नक्सलियों के साथ अन्य लोग शामिल हैं।दरभा पुलिस ने आईपीसी की धारा के तहत मामला दर्ज़ कर लिया था।एनआईए ने नई एफ आई आर की जांच का जिम्मा एन आइए को सौपने की मांग करते हुए विशेष अदालत जगदलपुर में आवेदन प्रस्तुत किया था,लेकिन विशेष अदालत ने आवेदन को खारिज कर दिया था।एन आई ए की विशेष अदालत के फैसले को चुनौती देते एन आइए ने हाईकोर्ट में क्रिमिनल अपील प्रस्तुत की थी।जिस पर प्रारंभिक सुनवाई के दौरान ही हाईकोर्ट ने मामले की जांच पर ही स्टे(रोक) लगा दिया था,तबसे मामले की सुनवाई लंबित रही और छत्तीसगढ़ सरकार जांच प्रारम्भ नहीं कर पाई थी।बीते दिन, हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में एन आइए की अपील खारिज़ कर दी,जिसके बाद छत्तीसगढ़ सरकार झीरम घाटी के लाल आतंक में अज्ञात राजनीतिक षड़यंत्रों की जांच कर सकती है।

राजिम कुंभ की भव्यता बढ़ाने बना लक्षमण झूला(सस्पेंशन ब्रिज),,,,,,,

‘हमर छत्तीसगढ़’ के राजिम में ‘त्रिवेणी संगम’ पर राजीवलोचन मंदिर से कुलेश्वर महादेव मंदिर और लोमश ऋषि आश्रम तक आने-जाने के लिए छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने लक्ष्मण झूला(सस्पेंशन ब्रिज) का निर्माण कर आध्यात्मिक नगरी राजिम को भव्य पर्यटन केंद्रों में प्रमुखता दी है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीते दिनों महाशिवरात्रि के पावन दिन पर लक्ष्मण झूला का लोकार्पण किया।इस मौके पर राज्य के गृह व धर्मस्व मंत्री ताम्रध्वज साहू,राजिम विधायक अमितेश शुक्ल,अभनपुर विधायक धनेंद्र साहू,कलेक्टर नम्रता गांधी,पुलिस कप्तान जे आर ठाकुर सहित गणमान्य नागरिको व प्रशासनिक अधिकारयों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।यहां गौरतलब है कि राजीव लोचन मंदिर से कुलेश्वर महादेव मंदिर व लोमश ऋषि आश्रम तक पर्यटकों की यात्रा तथा बारिश के समय आवागमन जो कठिन होता था,उसे सुगम बनाने की योजना को मूर्त रूप देते हुए भव्य व आकर्षक लक्ष्मण झूला का निर्माण 33.12 करोड़ की लागत से करवा कर लोकार्पित किया गया है।लक्ष्मण झूला की भव्यता यह भी है कि यह 610 मीटर लम्बा व 3.25 मीटर चौड़ा होने के साथ आकर्षक प्रकाश व्यवस्था से रात्रिकालीन पर्यटन को भी आसान व सुगम बनाता है।त्रिवेणी संगम पर इस लक्षमन झूले के निर्माण की लंबे समय से प्रतीक्षा की जा रही थी।अंततः भूपेश सरकार ने इसके निर्माण व धार्मिक पर्यटन को भव्यता देकर महाशिवरात्रि पर लोकार्पण कर सौगात देने का ऐतिहासिक कार्य भी पूरा किया है,,आने वाले समय में लक्षमण झूला सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देश के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान गढ़ेगा।

गौठानों में गोबर से बिजली बनाने छत्तीसगढ़ का भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के साथ एम ओ यू (अनुबंध),,,,,,,,
‘ हमर छत्तीसगढ़’ के गौठानों में गोबर से बिजली बनाने की ओर ऊँचीइयों को स्पर्श किया है।अब हमर छत्तीसगढ़ की स्व-सहायता समूह की महिलाएं नई इबारत लिखने जा रही हैं।इसके साथ ही छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है,जिसने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के साथ गोबर से बिजली बनाने अनुबंध किया है।छत्तीसगढ़ बायो फ्यूल विकास प्राधिकरण और भाभा अनुसंधान केंद्र के बीच गोबर से बिजली बनाने एवं खाद्य विकिरण केंद्र की स्थापना की जाएगी।इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए “सीएम हाउस” में अनुबंध(एमओयू) किया गया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बिजली बनाने का काम या तो सरकारें या बड़े औद्योगिक घराने किया करते रहे हैं,जिसे पहली दफा छत्तीसगढ़ में
बदलते हुए गांव की महिलाएं बिजली उत्पादक बनने जा रहीं हैं।इससे गौठानों में क्रय गोबर और कृषि अवशिष्ट से बिजली व जैव ईंधन के उत्पादन के लिए संयंत्र लगाए जाएंगे।भाभा के साथ अनुबंध के बाद से गोबर से बिजली बनाना आसान हो जाएगा।इससे बिजली उत्पादन की आधुनिक तकनीक निसरगुरना का हस्तातंरण छत्तीसगढ़ बायो फ्यूल विकास प्राधिकरण को किया जाएगा।इसके दूसरी तरफ,खाद्य विकिरण केंद्र की स्थापना के सम्बंध में बताते हैं कि इस तकनीक की सहायता से फल,सब्जी ,दालों को जल्द खराब होने से बचाने और किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने में मदद भी मिलेगी।छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषि के साथ किसानों की बेहतरी की दिशा और प्रकृति से कैसे लाभ लें,इसके लिए बहुआयामी कार्य करने में जुटी हुई है।इस अवसर पर बी आर सी के डायरेक्टर डॉ आ पी तिवारी,ब्रिट के सीईओ डॉ प्रदीप मुखर्जी ने गोबर से बिजली उत्पादन और खाद्य रेडिएशन तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी दी।इस महत्वपूर्ण अनुबंध के अवसर पर कृषि मंत्री रविंद्र चौबे,मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा,कृषि सचिव डॉ एस भारतीदासन,कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ गिरीश चंदेल,कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ कमलप्रीत सिंह,ऊर्जा विभाग के सचिव अंकित आनन्द,बी आर सी बायो फ्यूल्स के डायरेक्टर डॉ तपनकुमार घण्टी,वैज्ञानिक डॉ एस टी म्हत्रे, फूड एंड टेक्नोलॉजी प्रमुख डॉ एस के गौतम सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी,भाभा के तकनीकी अधिकारी व वैज्ञानिकों की उपस्थिति रही।पूरे कार्यक्रम का संचालन कृषि सचिव डॉ एस भारतीदासन ने किया।

गौठानों के पोल्ट्री फार्म से ग्रामीण महिलाएं बनेंगी उद्यमी,,,,,,
‘हमर छत्तीसगढ़’ में भूपेश सरकार की महत्वाकांक्षी व बहुआयामी अग्रणी योजनाओं से राज्य की ग्रामीण महिलाओं के उद्यमी बनने से उनकी
दशा व दिशा के साथ-साथ उनकी तक़दीर व तस्वीर भी बदलने जा रही है।अब ये ग्रामीण महिलाएं गौठानों में स्थापित होने जा रहे पोल्ट्री फार्म(हैचरी यूनिट) के माध्यम से महिलाएं उद्यमी बनकर नए अध्याय की शुरुआत करने जा रही हैं। ये मार्ग दुर्ग ज़िला पंचायत ने दुर्ग विकासखंड में पाटन,गाडाडीह, धमधा में बोरी और धनोद में पोल्ट्री इकाइयों की स्थापना कर ग्रामीण महिलाओं के उद्यमी बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है।पोल्ट्री इकाइयों की स्थापना से गौठानों में काम करने वाली तथा स्व-सहायता समूह की ग्रामीण महिलाओं में बदलाव आने लगा है।दुर्ग ज़िला पंचायत ग्रामीण महिलाओं को कुक्कुट पालन से सक्षम बनाने में जुट गया है।भूपेश-सरकार ने”नरवा-गरवा-घुरवा”योजना को बहुआयामी बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।इसमें ऐसे प्रयोग भी हो रहे हैं,जिससे हमर छत्तीसगढ़ राज्य सबसे आगे बढ़ रहा है।दुर्ग ज़िला पंचायत ने गांव धनोद के गौठान में पोल्ट्री फार्म स्थापित करने 75 फीसदी सफलता हासिल की हैऔर यह पूरे देश में पहला गौठान बन गया है,जहां अमर महिला स्व-सहायता समूह ने 21 दिनों के सायकल(चक्र) में 300 अंडों में से 225 चूज़े उत्पादित करने का रिकार्ड बनाया है।आज धनोद गांव की अमर स्व-सहायता समूह,गांव गाडाडीह की जय माँ चंडी महिला स्व-सहायता समूह और गांव बोरी की राधे स्व-सहायता समूह की ग्रामीण महिलाओं ने अपनी नई पहचान का कीर्तिमान खड़ा कर दिया है,जो आज गांव में अपने घर व खेत से बाहर की दिशा में कदम बढ़ाकर उद्यमी के रूप में स्थापित होने लगी हैं।गौरतलब है कि इन तीनों ग्रामीण महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं आपस में अपने अनुभव भी शेयर करती हैं और कामों में सुधार भी करती हैं।इन ग्रामीण महिलाओं ने अंडों की सिकाई के लिए स्वचालित इनक्यूबेटर लेकर ठोस कार्य कर रही हैं,जिसका प्रतिफल भी उन्हें जल्द मिलने लगा है।यहां यह भी बताया जा रहा है कि गौठानों से जुड़ी ग्रामीण महिला स्व-सहायता समूह के लिए दुर्ग ज़िल पंचायत ने इन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण की सुव्यवस्था कर प्रशिक्षण भी दिलाया।प्रशिक्षण में इनक्यूबेटर के इस्तेमाल,तापमान और आर्द्रता सम्बंधित जानकारी देकर महिलाओं को कुशल उद्यमी बनाया गया है।गौरतलब यह भी है कि इन महिलाओं ने स्वचालित इनक्यूबेटर राज्य के बाहर से न मंगवाकर कोरबा से ही लिया है जिससे प्रशिक्षण को नई दिशा मिल गई।इन तीनों गौठानों की पोल्ट्री इकाइयों का संचालन भी सरलता व सफलतापूर्वक किया जा रहा है।यहां अंडों से उत्पादन का भविष्य में और भी विस्तार किए जाने की बात की जा रही है।ज़िला पंचायत के सीईओ अश्वनी देवांगन का मानना है कि गौठानों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनाने की देन छत्तीसगढ़ सरकार की बहुआयामी सोच का प्रतिफल है।गौठानों के ज़रिए जहां पशुओं को आश्रय मिल रहा है,वहीं महिलाएं वर्मी खाद बनाने में भी जुटी हैं और अब कुक्कुट पालन की दिशा में कदम बढाया गया है।कुल मिलाकर कहें तो ग्रामीण महिलाएं अपने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से उद्यम की नई परिभाषा गढ़ रही है,जिससे भूपेश-सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं अब मूर्त रूप
लेने लगी हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार ने एसईसीएल से कोयला आवंटन करने कोल इंडिया को पत्र-आग्रह,,,,,,

‘हमर छत्तीसगढ़’ में काले हीरे का अकूत भंडार है,जिसकी देखरेख,रखरखाव व प्रबंध साउथ ईस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड की जिम्मेदारी है लेकिन राज्य के उद्योगों को महानदी कोल फील्ड्स लिमिटेड से कोयला आवंटन होता है।यही वजह है कि छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा है कि एस ई सी एल से राज्य के उद्योगों को कोयला आवंटित किया जाए तो परिवहन में सुविधा होगी व परिवहन शुल्क व्यय भी कम होगा।इसके लिए छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग ने कोल इंडिया के जनरल मैनेजर (एस एंड एम) को पत्र लिखकर एसईसीएल से कोयला आवंटित करने का आग्रह किया है ताकि कोयला सस्ते में उद्योगों को मिल सके।वाणिज्य व उद्योग विभाग का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार एस ई सी एल से कोयला आवंटन को प्राथमिकता देती है और यह कम्पनी भी छत्तीसगढ़ स्थित है।

वेब पोर्टल पर कथित “फेक न्यूज़” के खिलाफ सिंहदेव की शिकायत पर ज़ुर्म दर्ज़ व गिरफ्तारी,,,,,
दुर्ग ज़िले के एक कथित वेब पोर्टल की वेबसाइट पर “फेंक न्यूज़” के खिलाफ हमर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव की शिकायत पर रायपुर सिविल लाइन पुलिस थाने में दर्ज़ रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए दुर्ग से उस युवक को गिफ्तार किया है।श्री सिंहदेव के मीडिया सलाहकार राजेन्द्र सिंह परिहार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज़ कर कार्रवाई की है।बताते हैं वेबपोर्टल पर उत्तरप्रदेश चुनावों को लेकर प्रकाशित रिपोर्ट में श्री सिंहदेव के हवाले से कथित ऐसा बयान दिया बताया गया, जबकि श्री सिंहदेव ने दावा किया कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया,यह उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास है।श्री सिंहदेव ने साफ तौर पर कहा है कि ऐसे झूठे वेबसाइटों से न केवल सतर्क रहने की ज़रूरत है बल्कि इन्हें दण्ड भी मिलना ज़रूरी है।श्री सिंहदेव ने यह भी कहा कि किसी दुर्भावना के तहत फैलाई गई झूठी खबर की मैं(श्री सिंहदेव)कड़ी निंदा करता हूँ और मुझे बदनाम करने की साज़िश कर रहे इन लोगों का पर्दाफाश कर न्यायसंगत कार्रवाई करें।

अंतर्राज्यीय तस्करों से कोंडागांव पुलिस ने ज़ब्त किया 2 करोड़ से ज़्यादा गांजा,,,,,,,
‘हमर छत्तीसगढ़’ में कोंडागांव पुलिस ने 2करोड़ से ज़्यादा का गांजा तस्करी से पहले ज़ब्त करने का जंगी कमाल किया है।तस्कर भी तस्करी करने के बहुतेरे तरीके आजमाते हैं।जैसा कि इस मामले में भी हुआ।तस्कर दिल्ली व अलीगढ़ के निवासी,आंध्र प्रदेश से गांजा खरीदकर छत्तीसगढ़ के रास्ते से गांजा तस्करी करते हरियाणा जा रहे थे कि छत्तीसगढ़ की कोंडागांव पुलिस के हत्थे चढ़ गए। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि ट्रक में नारियलों की लदान के
नीचे प्लास्टिक के 38 बैग्स में 1050 किलो छिपाकर ले जा रहे गांजा को पुलिस की नज़रों से बचा नहीं पाए और पकड़ा गए।ज़ब्त गांजा की बाजार में कीमत 2 करोड़ 10 लाख आंकी जा रही है।कोंडागांव के पुलिस कप्तान (एस पी)दिव्यांग पटेल के मुताबिक,मुखबिर की सूचना पर पुलिस को पॉइंट दिया गया,जिस पर पुलिस ने मर्दापाल तिग्गडे के पास नाकाबंदी कर जगदलपुर से आ रही मेटाडोर-ट्रक को रोककर तलाशी ली तब तस्करों ने बड़ी चतुराई से नारियलों के नीचे छिपाकर रखा गया गांजा पुलिस की पैनी नज़र से बच नहीं पाया।पुलिस ने ट्रक में सवार दोनों युवकों नई दिल्ली का रवि हसन व अलीगढ़ का राकेशकुमार से पूछताछ में उनके गोलमाल जवाब देने पर ट्रक की तलाशी ली गई और तस्करी का गांजा सामने आ ही गया।कोण्डागांव पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया,जहां से दोनों युवकों को जेल भेज दिया गया।गौरतलब है कि इससे पहले भी जगदलपुर के धनपुंजी नाके के बाद ओडिसा के कोरापुट व जैपुर के रास्ते छत्तीसगढ़ से होकर गांजा तस्करी के कईयों मामले पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं।ओडिसा से छत्तीसगढ़ होकर गांजा-तस्करी का मार्ग
आसान भी माना जाता है और मीडिया में भी लगातार खबरें छपती रहीं हैं लेकिन इस दफे कोंडागांव पुलिस ने 2 करोड़ से अधिक का गांजा बरामद कर तस्करों के छक्के छुड़ा कर गांजा-तस्करी पर बड़ी लगाम लगाने का कमाल दिखाया है।

छत्तीसगढ़ में महासमुंद शहर की मशहूर शायरा सबीना खत्री”सबी” ने फरमाया है,,,,

“सिसक कर क्यों काटते हो ज़िंदगी दोस्तों,,,
“सबी” क्या वक़्त अब बस हसरतों का हो गया,,,

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