New India News
देश-विदेशराजनीति

मैंने मेरे दादा जी (बालासाहेब ठाकरे) से हिंदुत्व सिखाया है. उसमें कही भी नहीं कहा गया है कि रेपिस्टों की आरती करो, पूजा करो.

Newindianews/MH:  आदित्य ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी का हिंदुत्व थोड़ा अलग है, वह नफरत फैलाए बिना काम करते हैं और हिंसा नहीं होने देते हैं.

एकनाथ शिंदे को लेकर आदित्य ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता को गद्दारी पसंद नहीं है और चुनाव में उन्हें इसका जवाब मिल जाएगा.

राज्य में जो किया गया है, वो गद्दारी है और इसे सही नहीं करार दिया जा सकता है.

मीडिया में खबरों के अनुसार महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके कैंप पर निशाना साधा है. ठाकरे ने कहा कि उन्होंने (शिंदे कैंप) गद्दारी की है, इसे सही करार नहीं दिया जा सकता है. एक निजी चैनल  को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा,

‘हमारे संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. महाराष्ट्र के सामने इस समय सबसे बड़ा सवाल ये है कि आज हम सभी राज्य में एक गैरकानूनी और असंवैधानिक सरकार में जी रहे हैं. इसका मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है.’

https://twitter.com/aajtak/status/1579734527555293187?s=20&t=sFoqmTgUD20R6EFao92LvA

आदित्य ठाकरे ने आगे कहा,

‘दूसरी बड़ी चीज महंगाई और रुपये का गिरना है. जैसे-जैसे राजनीति गिर रही है, उसी तरह रुपये का मूल्य गिर रहा है. महाराष्ट्र और देश में किसी को भी ये गद्दारी पसंद नहीं आई है, चुनाव में उन्हें इसका जवाब मिल जाएगा.’

इसके साथ ही उन्होंने गुजरात की बिलकिस बानो के बलात्कारियों को रिहा करने को लेकर बीजेपी और गुजरात सरकार पर करारा हमला किया है. उन्होंने कहा,

‘मैंने मेरे दादा जी से (बालासाहेब ठाकरे) हिंदुत्व सीखा है. उसमें कही भी नहीं कहा गया है कि रेपिस्टों की आरती करो, पूजा करो. ये कभी भी नहीं कहा गया है. जो भी रेपिस्ट हो, उसे फांसी पर चढ़ाओ. यही मेरे दादा जी का हिंदुत्व था. चाहे वो किसी भी धर्म का हो. जो रेपिस्ट होता है, उसका धर्म, प्रांत, जाति, भाषा देखे बिना उसे फांसी दी जानी चाहिए. यही हमारी न्याय व्यवस्था भी कहती है.’

आदित्य ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी का हिंदुत्व थोड़ा अलग है, वह नफरत फैलाए बिना काम करते हैं और हिंसा नहीं होने देते हैं.

उन्होंने कहा,

‘जब हमने औरंगाबाद का नाम बदला, उस्मानाबाद का नाम बदला तो किसी तरह की हिंसा नहीं हुई. ये हमारा हिंदुत्व है. हम बिना नफरत फैलाए अपना काम करते हैं.’

आदित्य ठाकरे ने ‘बालासाहेब ठाकरे’ और ‘असली शिवसेना’ के सवाल पर कहा कि देश में कई सारे बालासाहेब हैं, इसलिए शिवसेना किसी की भी हो सकती है.

उन्होंने कहा,

‘शिवसेना (नाम) और तीर तथा धनुष (निशान) पर अभी भी हमारा ही दावा है. ऐसा इसलिए क्योंकि राज्य में जो किया गया है, वो गद्दारी है और इसे सही नहीं करार दिया जा सकता है. शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे हर किसी को एक मंच पर लाएगी. चुनाव आयोग ने भी कहा दिया है कि उद्धव और बालासाहेब ठाकरे से शिवसेना को अलग नहीं किया जा सकता है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘पिछले ढाई सालों से लोगों ने उद्धव बालासाहेब ठाकरे का काम बतौर मुख्यमंत्री देखा है. वो महाराष्ट्र राज्य के लिए हर किसे के पारिवारिक शख्स हैं.’

मालूम हो कि आगामी उपचुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने उद्धव ठाकरे कैंप की पार्टी का नाम ‘शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे’ किया है और इसका निशान ‘मशाल’ है. वहीं एकनाथ शिंदे धड़े को ‘बालासाहेबांची शिवसेना’ के नाम से जाना जाएगा. इसका चुनाव चिह्न दो तलवाल और ढाल है.

Related posts

मुख्यमंत्री मितान योजना के माध्यम से लोगों को घर पहुंचाकर दिए गए 14 हजार 545 शासकीय दस्तावेज

newindianews

UN Announces the Abolition of All International Days, Including April Fool’s Day

newindianews

राज्य सरकार दिव्यांगजन के संरक्षण और उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध :मंत्री अनिला भेंड़िया

newindianews

Leave a Comment