
New India News /CG हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मुस्लिम हॉल, बैजनाथपारा में दस रोजा तरावीह का भव्य आयोजन किया गया, जहाँ मुकम्मल खत्मे कुरआन सम्पन्न हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में रोज़ेदारों और शहर के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।
तरावीह की इमामत हाफिज शफीकुल हसन साहब (उत्तर प्रदेश) ने की। उन्होंने कुरआन पाक की तिलावत के साथ उसकी तफ्सीर भी बयान की। तरावीह में हाफिज मोहम्मद शरीफ साहब ने सामेअ, मौलाना शम्सुद्दीन साहब ने मोअज्जन तथा मौलाना अली इमाम साहब ने मुकब्बिर की जिम्मेदारी निभाई।
इस अवसर पर हजरत मौलाना एहतेशाम अली फारूकी मिस्बाही साहब ने रमज़ान शरीफ की अहमियत पर विस्तार से रोशनी डालते हुए कुरआन की महत्ता और इस्लाम की बुनियादी शिक्षाओं को स्पष्ट किया। उन्होंने रमज़ान की मुक़द्दस फ़ज़ीलतों और इसके आत्मिक लाभों पर भी प्रकाश डाला।
खत्मे कुरआन के मौके पर विशेष फातेहा का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के उलमा-ए-कराम ने शिरकत की और देश व प्रदेश की खुशहाली, अमन व तरक्की के लिए दुआ की। कार्यक्रम में आए मेहमानों का इस्तकबाल शरीफ एवं डॉ. मुजाहिद अली फारूकी ने किया।
आयोजकों ने बताया कि तरावीह का समय रात्रि साढ़े नौ बजे रखा गया है, ताकि कारोबारी वर्ग को सुविधा मिल सके।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मिर्ज़ा एजाज़ बेग (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी), एजाज़ ढेबर (पूर्व महापौर), डॉ. एस. ए. रहमान, एहफाज कुरैशी, बदरुद्दीन खोखर, शोएब शरीफ, फैज़ान कुरैशी, अशफाक मेमन, हजरत खान, शेख मिनहाज, मौलाना अ. रज्जाक, मौलाना जहीरुद्दीन, मोहम्मद जुनेद, मोहम्मद जाहिद बंटी, आरिफ मंसूरी सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
✨ यह आयोजन आपसी भाईचारे, धार्मिक सौहार्द और आध्यात्मिक चेतना का सुंदर उदाहरण रहा।
