New India News/CG प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने भाजपा सरकार पर शराब नीति को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद प्रदेश में शराब की कालाबाजारी और अवैध बिक्री बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राज्य की जनता को शराब की ओर धकेल रही है और छत्तीसगढ़ को अवैध शराब का गढ़ बना दिया गया है।
वंदना राजपूत ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए भाजपा शराबबंदी की बात करती थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद शराब दुकानों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ बिक्री का दायरा भी बढ़ाया गया है। उनके अनुसार, प्रदेश में पहले करीब 700 देशी और अंग्रेजी शराब दुकानें थीं। भाजपा सरकार ने देशी शराब दुकानों में अंग्रेजी और अंग्रेजी शराब दुकानों में देशी शराब की बिक्री शुरू कर दी, जिससे दुकानों में उपलब्ध शराब की श्रेणियां बढ़ गईं। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्ष 67 नई शराब दुकानें और इस वर्ष 35 नई दुकानें खोली गई हैं।
अवैध शराब कारोबार को लेकर लगाए आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि साय सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में शराब की कोचियागिरी बड़े पैमाने पर जारी है। उन्होंने नकली सरकारी होलोग्राम लगाकर शराब बेचने तथा सरकारी शराब दुकानों से अतिरिक्त राशि लेकर गली-मोहल्लों तक शराब पहुंचाने के आरोप लगाए।
उन्होंने डोंगरगढ़ के बॉटलिंग प्लांट में कथित तौर पर पानी मिलाने के मामले और रायगढ़ में नकली शराब की बॉटलिंग की शिकायतों का भी उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने दावा किया कि दूसरे राज्यों की शराब भी बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पहुंच रही है।
ओवररेटिंग को लेकर सरकार पर निशाना
वंदना राजपूत ने शराब की ओवररेटिंग को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन करीब 28 लाख 65 हजार बोतल शराब बिकती है और प्रत्येक बोतल पर कथित तौर पर 10 से 60 रुपये तक अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि इससे प्रतिदिन लगभग 4.29 करोड़ रुपये, महीने में करीब 129 करोड़ रुपये और सालाना लगभग 1,548 करोड़ रुपये की अवैध वसूली हो रही है। उन्होंने पिछले ढाई वर्षों में कथित ओवररेटिंग को करीब 3,870 करोड़ रुपये का घोटाला बताया।
उन्होंने कहा कि सरकार को शराब की बिक्री में कथित अनियमितताओं, अवैध कारोबार और ओवररेटिंग पर तत्काल रोक लगाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
